जिला सक्ती अंतर्गत 21 सहकारी समितियों के 42 कर्मचारियों (प्रभारी संस्था प्रबंधकों एवं कम्प्युटर ऑपरेटरों) द्वारा हड़ताल से वापसी..
जिला सक्ती अंतर्गत 21 सहकारी समितियों के 42 कर्मचारियों (प्रभारी संस्था प्रबंधकों एवं कम्प्युटर ऑपरेटरों) द्वारा हड़ताल से वापसी..
सकती । जिला सक्ती अंतर्गत 21 सहकारी समितियों के 42 कर्मचारियों (प्रभारी संस्था प्रबंधकों एवं कम्प्युटर ऑपरेटरों) द्वारा हड़ताल से वापसी होने की सूचना कार्यालय सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं से प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्राप्त हुई है ।
दरअसल प्रभारी सचिव , जिला सक्ती एवं प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) मुख्यालय नवा रायपुर, अटल नगर के उपस्थिति में कलेक्टर, जिला सक्ती, खाद्य अधिकारी, सहायक आयुक्त सहकारिता, जिला विपणन अधिकारी, नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक जिला सक्ती एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों की शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य में धान खरीदी के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के 125 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की प्रारंभिक व्यवस्था, कर्मचारियों की उपलब्धता एवं वर्तमान में जारी सहकारी समितियों के कर्मचारियों के हड़ताल के संबंध में समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान जिला सक्ती के समस्त सहकारी समितियों के कर्मचारियों द्वारा हडताल समाप्त कर वापसी के संबंध में चर्चा कर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया गया तथा यह आश्वासन दिया गया कि यदि सहकारी समिति के कर्मचारियों को शासन द्वारा जारी धान उपार्जन नीति 2025-26 के प्रावधानों के तहत् धान उपार्जन कार्य करने की सहमति हो तो सहकारी समिति के कर्मचारी हड़ताल से वापस होकर कार्य कर सकते हैं। उक्त निर्देश के परिपालन में जिला कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में जिला सक्ती के सहकारी समिति कर्मचारियों से चर्चा किया गया। चर्चा उपरांत उपस्थित सहकारी समिति के कर्मचारियों द्वारा शासन द्वारा जारी नीति एवं निर्देशों के तहत् धान खरीदी का कार्य करने की सहमति प्रदान की गयी तथा हड़ताल से वापसी किया जाना स्वीकार किया गया। जिला सक्ती अंतर्गत 21 सहकारी समितियों के 42 कर्मचारियों (प्रभारी संस्था प्रबंधकों एवं कम्प्युटर ऑपरेटरों) द्वारा हड़ताल से वापसी का पत्र सामूहिक रूप से कलेक्टर महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा दिनांक 19.11.2025 को अपने-अपने समितियों में उपस्थित होकर धान खरीदी का कार्य शासन द्वारा जारी नीति तथा निर्देशों के तहत् निष्ठापूर्वक करने की बात स्वीकार किया गया।
