यूरिया खाद के गैर कृषि प्रयोजन में व्यपवर्तन को रोकने निगरानी हेतु कलेक्टर सक्ती द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित… डीएपी खाद के नकली निर्माण व अवैध भण्डारण पर राजस्व एवं कृषि विभाग की सतत निगरानी…

यूरिया खाद के गैर कृषि प्रयोजन में व्यपवर्तन को रोकने निगरानी हेतु कलेक्टर सक्ती द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित…
डीएपी खाद के नकली निर्माण व अवैध भण्डारण पर राजस्व एवं कृषि विभाग की सतत निगरानी…
सक्ती l  कलेक्टर  अमृत विकास तोपनो सक्ती की  अध्यक्षता में दिनांक 06.06.2025 को कार्यालय कलेक्टर जेठा सक्ती के सभाकक्ष में राजस्व, कृषि एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित किया गया। जिसमें उप संचालक कृषि, अनुविभागीय कृषि अधिकारी सक्ती, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या, जिला विपणन अधिकारी, उद्योग विभाग अधिकारी एवं समस्त वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी तथा समस्त उर्वरक निरीक्षक उपस्थित रहें। उक्त बैठक में कलेक्टर द्वारा बताया गया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के खंड 25 में कृषि क्षेत्र में उपयोग के अलावा किसी अन्य उदेश्य के लिये उर्वरक की ब्रिकी पर सख्ती से प्रबंध लगाने हेतु निर्देशित किया गया। भारत सरकार यूरिया उर्वरक पर पर्याप्त मात्रा में सब्सिडी प्रदान कर रही है और कृषि के अलावा किसी अन्य उपयोग के लिये इन उर्वरकों के किसी भी व्यपवर्तन से न केवल भारत सरकार को वित्तीय नुकशान होगा, बल्कि आगामी खरीफ मौसम में उर्वरक की उपलब्धता भी प्रभावित होगी। उक्त के दृष्टिगत ऐसे उद्योग जहां पर यूरिया खाद को कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जा रहा है। पर संपूर्ण जिले में एक ही दिन उद्योगों का निरीक्षण हेतु संयुक्त दल राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ औचक, आवश्यकतानुसार छापे की कार्यवाही करने के निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान, यदि संस्थाओं में नकली खाद, बीज की ब्रिकी, उर्वरक के बिना लाइंसेस अवैध भण्डारण बिना पोस मशीन के खाद का वितरण आदि के मामले संज्ञान में आते है तो अधिकृत विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी करवाई के निर्देश भी दिये गये है। उप संचालक कृषि ने बताया कि राज्य में डीएपी खाद के कमी को मदेनजर रखते हुए नकली डीएपी खाद का निर्माण न हो सके तथा कालाबाजारी, इस्मगलिंग की स्थिति निर्मित न हो जिसके लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अनुविभागीय अधिकारी कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, तहसीलदार तथा जिले के उर्वरक निरीक्षकों को सतत भ्रमण एवं निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया ताकि जिले में किसी भी प्रकार की खाद में अनियमितता न बरती जा सके।




















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