जिले में खाद की किल्लत , जिले के किसान परेशान… दर-दर भटकने मजबूर…

 

जिले में खाद की किल्लत , जिले के किसान परेशान… दर-दर भटकने मजबूर…

सकती ।  इन दिनों खाद की  कमी  से किसान परेशान है ,खेती किसानी के पूर्व किसानों को खाद की आवश्यकता होती है, किसानों को खाद सेवा सहकारी समिति के माध्यम से उचित मूल्य पर प्रदान किया जाता है , किसान अगर खेती किसानी के लिए समिति के माध्यम से खाद लेते हैं तो उन्हें नगद पैसा देना नहीं पड़ता बाद में धान फसल की बिक्री के समय समिति के माध्यम से लिए गए खाद का मूल्य काटकर दिया जाता है जिससे किसानों को खेती के लिए सही समय में खाद मिल जाती है इस प्रकार किसान अपनी खेती किसानी के कार्य को आगे बढ़ाते हैं । किंतु शक्ति जिले में संग्रहण केंद्र खाद गोदाम शक्ति ,बाराद्वार ,डभरा में खाद का भंडारण नहीं है. जिससे किसानों को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और किसान खाद के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर है, किसान एक प्रकार का खाद और अलग-अलग प्रकार का खाद समिति में नहीं मिलने के कारण  परेशान है । जबकि इस समय किसानों को सभी प्रकार के खाद की सख्त आवश्यकता है

           सूत्रों की माने तो  जिले के संग्रहण केंद्र खाद गोदाम शक्ति, बाराद्वार ,डभरा में प्रयाप्त मात्रा में खाद   मांग के अनुरूप तथा समिति के मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भंडारण नहीं है ।  जबकि सरकार पूर्व में ही डीएपी खाद की पूर्ति बाहर  से की जाती है ऐसा कहा गया है एवं वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य खाद 20-20 – 13 NPK के रूप में वितरण करने हेतु कहा गया है उसे भी प्रयाप्त मात्रा में समिति के द्वारा RO  एवम चेक संग्रहण में दे दिया गया है जिसे भी आज दिनांक तक पर्याप्त मात्रा में भंडारण नहीं किया गया है । समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार  खाद गोदाम संग्रहण केंद्र शक्ति में खाद के मांग अनुरूप RO /चेक दे दिया गया है इसके बावजूद प्राप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है जबकि पिछले वर्ष 2024 में आज दिनांक मई माह में मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण   किया गया था लेकिन इस वर्ष आज दिनांक  मई 2025 तक संग्रहण केन्द्र में खाद उपलब्धता नहीं होने से किसानों की समस्या बनी हुई है जबकि प्रोत्साहन के रूप में (एनपीके) NPK खाद वितरण करने को कहा जाता है लेकिन वह भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है जिससे  जिले के किसान दर-दर भटकने को मजबूर हो गए हैं, इन्हें इन दिनों लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा है जबकि प्राइवेट दुकानों में खाद उपलब्ध है । वहीं समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है किसानों को हो रही परेशानियों के लिए जिम्मेदार कौन है ?? जबकि इन दिनों चल रहे हैं सुशासन तिहार के अंतर्गत भी आयोजित समाधान शिविर में किसानों द्वारा खाद की मांग  की जा रही है लेकिन यहां भी उनकी समस्याओं का कोई भी  समाधान नहीं हो पा रहा है । इस संबंध में जब हमने जिले के  आला अधिकारी  उपसंचालक कृषि एवं डीएमओ से बात करनी चाहिए तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ …. ।




















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