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➡️➡️ गर्भ अवस्था के दौरान होने वाली समस्याएं  एनीमिया तथा प्रसव पीड़ा से लेकर  शिशु जन्म,  बच्चे की देखभाल के साथ माताएं को विशेष रूप से सावधानियां रखना जरूरी है — बीएमओ डॉक्टर शशी प्रभा बंजारे ▶️▶️सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एस बी ए ट्रैनिंग सेंटर जैजैपुर  में दक्षता आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया..

➡️➡️ गर्भ अवस्था के दौरान होने वाली समस्याएं  एनीमिया तथा प्रसव पीड़ा से लेकर  शिशु जन्म,  बच्चे की देखभाल के साथ माताएं को विशेष रूप से सावधानियां रखना जरूरी है — बीएमओ डॉक्टर शशी प्रभा बंजारे
▶️▶️सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एस बी ए ट्रैनिंग सेंटर जैजैपुर  में दक्षता आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया..
सकती । जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एस बी ए ट्रैनिंग सेंटर जैजैपुर  में दक्षता आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया । जिसमे प्रमुख रूप से डॉक्टर शशि प्रभा बंजारे बीएमओ जैजैपुर ,मास्टर ट्रेनर,डॉक्टर उमा शंकर साहू मास्टर ट्रेनर,श्री मति अंजु लता खुटियारे स्टॉफ नर्स मास्टर ट्रेनर, अलग अलग बैच में ट्रेनिंग किया गया  पहले प्रथम 20  मार्च से 22 मार्च तक मेडिकल ऑफिसर लोगों की ट्रेनिंग किया गया दूसरा बैच 26.मार्च से 28 मार्च तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया साथ में सभी को अंतिम दिवस में प्रमाण पत्र प्रदान किया गया जिसमे आर एम ए,स्टॉफ नर्स, सी एच ओ, आर एच ओ, सहित 15 स्वास्थ्य विभाग लोगों को ट्रैनिंग दिया गया। बी ई टी ओ हरगोविंद कोशले,सी  एच सी जैजैपुर स्टॉफ एम बंजारे बी पी एम,अजय कंवर ब्लॉक एकांट मैनेजर,पिलेश्वर चंद्रा जे एस ए, सहित हॉस्पिटल जैजैपुर स्टॉफ उपस्थिति रही l
        आज के दौड़भरी जिदंगी में अपने स्वास्थ का ख्याल रखना बहुत जरूरी है जिस तरह से खान पान दिनचर्या का पर्याप्त समय नहीं मिल पाने के कारण बहुत सारी बीमारियों का समझ पाना मुश्किल होता है और अधिकांस्थः अनजान में जान चली जाती है इस कारण हर 6 महीनों में रूटीन चेक अप अपने शरीर का जांच अत्यंत आवश्यक हो जाता हैं तभी हम स्वस्थ रह पाएँगे  समय रहते इलाज किया जाना संभव हो पाएगा और  अपने अमूल्य जीवन निरोग सुखमय  रह पाएगा ।पोषण आहार भोजन सर्टिफिकेट स्वाथ्य शिक्षा  डिप्लोमा धारी कहना है कि आज हम दैनिक  दिनचर्या को नशा मदिरा पान से लिप्त होते जा रह है जिसके कारण समाज पपरिवार तथा जीवन शैली पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है l बीएमओ डॉक्टर शशि प्रभा बंजारे बताती है की गर्भ अवस्थाएं दौरान होने वाली समस्याएं एनीमिया ,प्रसव पीड़ा से लेकर  शिशु जन्म शिशु बच्चे का देखभाल माताएं को विशेष रूप से सावधानियां रखना जरूरी है शिशु मृत्यु दर और  मातृय में कमी सुधार उपाय बचाव  सही समय पर इलाज उपचार  किया जा सके l  गर्भवती माताएं को आयरन की गोली ,कैल्शियम की दवाई प्रोटीन युक्त पाउडर ,के साथ साथ बी पी,ब्लड शुगर,वजन,अल्ट्रा साउंड ग्राफी सतत निगरानी में महिला चिकित्सा से उचित सलाह से अपनी देखभाल और शिशु वती का ख्याल रखना बहुत जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार से असुविधा की स्थिति निर्मित न हों प्रसव पूर्व और प्रसव दौरान होने वाली समस्या स्थिति और  परिस्थिति को निर्मित शुरुआती प्रबंध  के विषयों पर आधारित ट्रैनिंग आयोजन किया गया परिवार नियोजन सलाह प्रसव के बाद  विभिन्न स्वास्थ केंद्रों में जांच आवश्यक सुविधाएं , पी पी एच प्रबंधन अर्थात खून का अधिक बहाना , गर्भ दौरान  दौरे होना,खून की कमी ,हाथ पैर में सूजन, बीपी शुगर सांस लेने में कठिनाई और अन्य प्रबंधन जानकारियां ट्रैनिंग दी गई है । प्रशिक्षण में सिविल डिस्पेंसरी बाराद्वार हॉस्पिटल में पदस्थ डॉक्टर विजय कुमार लहरे भी शामिल होकर प्रशिक्षण में भाग लिए है।
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